No Space for Terrorism in Islam

No Space for Terrorism in Islam ┇इस्लाम में आतंकवाद की जगह नहीं

Misconceptions About Islam
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No Space for Terrorism in Islam ┇इस्लाम में आतंकवाद की जगह नहीं

एक झूठ! हर मुस्लमान आंतकवादी न हो परन्तु हर आंतकवादी मुस्लमान ही होता है? ऐसा क्यों होता है कि जब भी आंतकवाद का नाम आता है तो सबसे पहले मस्तिष्क में जो चित्र उभरता है वह किसी दाढ़ी वाले मुस्लमान का होता है? क्यों एक बड़ी संख्या की ज़ुबान पर यह है कि चाहे हर मुस्लमान आंतकवादी न हो परन्तु हर आंतकवादी मुस्लमान ही होता है?

इस्लाम की दृष्टि में तो वह आस्तिक ही नहीं जिसके हाथों और ज़ुबान से उसके पड़ोसी सुरक्षित न हों, यह ईशदूत हज़रत मुहम्मद स. का फ़तवा है। हर आंतकवादी मुस्लमान क्यों बना दिया जाता है? या तो हम सत्य जानना नहीं  चाहते या जान बूझकर अनजान बने हुए हैं। ज़मीन में बिगाड़ पैदा न करो…  सूरह बक़रा, आयत – 19.

इस्लाम में आतंकवाद की कोई गुंजाइश नहीं है। इस्लाम शांति है और शांति को ही पसंद करता है। इस्लाम इंसानी जान और माल का आदर करना सिखाता है। और अपने स्वार्थ की सिद्धि के लिये आतंक से काम लेने के तरीक़े का प्रबल विरोधी है। बड़े खेद की बात है कि इस्लाम की पवित्र शिक्षायें जो मानवता, सहिष्णुता, सहानुभूति, सहनशीलता एवं उदारता पर आधारित हैं, हमारे जीवन का अंश नहीं हैं पुन: हमारा दुर्भाग्य है कि हमारे देशवासियों ने इस्लाम को क़ुरआन और हज़रत मुहम्मद सल्लo की पवित्र जीवनी से समझने के बजाय मुसलमानों के कार्यों से इस्लाम को समझा। इस्लाम अपने अनुयायियों और दुनिया के अन्य सभी निवासियों के लिए शान्ति चाहता है।

No Space for Terrorism in Islam ┇इस्लाम में आतंकवाद की जगह नहीं

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