10वीं बोर्ड: ग्रेटर नोएडा के मोहम्मद ज़ैद हसन को संस्कृत में मिले 100 में से 100 नंबर

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अपने माता की पिता के साथ संस्कृत में 100 में से 100 लाने वाला होनहार छात्र ज़ैद

दिल्ली पब्लिक स्कूल (डीपीएस), गामा- 2, ग्रेटर नोएडा के मोहम्मद ज़ैद हसन की आज हर जगह चर्चा हो रही है क्यूंकि उन्होंने 10वी बोर्ड में संस्कृत में 100 में 100 अंक हासिल किए हैं। मोहम्मद ज़ैद हसन के पिता जो की नोएडा स्थित जेपी हॉस्पिटल में एक न्यूरोलॉजिस्ट डॉक्टर है उनके लिए आज बहुत गर्व की बात है।

हालांकि, डॉक्टर हसन को इसका मलाल है कि अभी के दौर में संस्कृति और उर्दू जैसी भाषाएं अपनी अहमियत खोती जा रही हैं.

उन्होंने कहा, ‘हमारे दौर में संस्कृति की बहुत अहमियत नहीं रह गई है. उर्दू का भी वही हाल था. इन भाषाओं में भविष्य बनाने का कोई विकल्प नहीं है.’

ज़ैद का रिज़ल्ट

ज़ैद की इस उपलब्धि पर विद्यालय प्रधानाचार्या श्रीमती संध्या अवस्थी ने बधाई देते हुए कहा कि ज़ैद ने जो कर दिखाया है हमें उसपर गर्व है.

वह आगे कहती हैं, ज़ैद दिल लगा के सीखने वाला बच्चा है. उस संस्कृत पढ़ने में मज़ा आया और उसने इसमें बेहतर करना शुरू किया. कई विदेश भाषाओं के बजाए संस्कृत चुनने के फ़ैसले का उसके परिवार वालों ने भी उसका साथ दिया. हम उसके प्रयासों की सराहना करते हैं.’

भाषा किसी एक समुदाय या देश की नहीं होती भाषा उसकी होती जो उससे मोहब्बत करता है। मोहम्मद ज़ैद हसन हम सबके लिए एक मिसाल हैं।

हमें भाषा के आधार पर एक दूसरे से नफरत करना छोड़ना होगा। भाषाएं लोगो को क़रीब लाती हैं।

मही देवस्य सवितः परिष्टुति:
इस संसार के बनाने वाले के लिए स्तुति है ! (ॠग. 5:81:1)

स्ततियों का पात्र अल्लाह ही है जो सब संसारो का प्रभु है ! (क़ुरआन 1:1)

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