#CompassionDay: क्या है Compassion Day जिसके बारे में सब बात कर रहे हैं?

#CompassionDay: हमारा रब अल्लाह, क़ुरआन में बड़े साफ़ लफ़्ज़ों में फ़रमाता है कि हमारे रसूल हज़रत मुहम्मद ﷺ तमाम जहानों रहमत हैं। नबी-ए-करीम ﷺ सिर्फ़ इस दुनिया के लिए ही नहीं बल्कि तमाम आलमीन के लिए रहमत हैं। सिर्फ़ इंसानों के लिए ही नहीं बल्कि हर मख़्लूक़ के लिए रहमत हैं। हमने तुम्हें तमाम जहानों […]

Continue Reading

अज़ान सबके लिए

अज़ान सबके लिए: आजकल लोगों के लिए सोशल मीडिया ज्ञान का भंडार बन चूका है। त्रासदी तो ये है कि सोशल मीडिया पर लोग हर चीज़ को बिना जाँच पड़ताल के सत्य मान लेते हैं। प्रतिदिन पता नहीं कितने शोशे सोशल मीडिया पर आते हैं और लोग आँखें बंद करके बिना सोचे समझे उसे सच […]

Continue Reading

क्या पैग़म्बर मुहम्मद ﷺ इस्लाम के संस्थापक थे?

आज लोग ये समझते हैं कि पैग़म्बर मुहम्मद ﷺ ने इस्लाम की शुरुआत की। चाहे सोशल मीडिया हो या कोई और माध्यम लोग ये सवाल अक्सर पूछते हुए नज़र आते हैं। और जो ये सवाल नहीं करते वह भी यही मानते हैं कि इस्लाम 1400 साल पुराना धर्म है। इस बात में कितनी हक़ीक़त और […]

Continue Reading
Islam and Humanity! Muslim or Human!

इस्लाम और इंसानियत! मुस्लिम या इंसान

इस्लाम और इंसानियत! मुस्लिम या इंसान – मुस्लमान और इंसान दोनों अरबी शब्द हैं और क़ुरआन में भी ये दोनों शब्द काफी बार आये हैं। आईये एक एक करके

Continue Reading
ईमान वालो, ईमान लाओ!

ईमान वालो, ईमान लाओ!

आज पूरी दुनिया में मुसलमानों की संख्या 180 करोड़ हैं, लेकिन क्या इतनी ही संख्या ईमान वालों की भी है? हम ये समझते हैं की जो इंसान मुस्लिम घर में पैदा हुआ या जिसने कलमा पढ़ा वह ईमान वाला है। लेकिन क्या ये 180 करोड़ मुस्लमान अल्लाह की फेहरिस्त (सूचि) में भी मुस्लिम हैं? में […]

Continue Reading
तक़िय्या - क्या इस्लाम झूठ बोलने की अनुमति देता है?

तक़िय्या – क्या इस्लाम झूठ बोलने की अनुमति देता है?

तक़िय्या क्या होता है? दावा: इस्लाम के आलोचकों द्वारा ये घोषणा की जाती है कि इस्लाम तक़िय्या सिखाता है, जो मुसलमानों को झूठ बोलने और हेरफेर करने के लिए अधिकृत करता है ताकि उनके धर्म का विस्तार हो सके। तथ्यों की जांच 1. यह एक ज्ञात तथ्य है कि अल्लाह के अंतिम दूत, पैग़म्बर मुहम्मद […]

Continue Reading
रमज़ान का मक़सद

रमज़ान का मक़सद

जैसा की हम जानते हैं रोज़ा इस्लाम के बुनियाद पांच सुतूनों में से एक सुतून (स्तंभ) है। पूरी दुनिया के मुस्लमान इस्लामी कैलेंडर के नौंवे महीने यानि रमज़ान में पुरे महीने के रोज़े रखते हैं। यही वह महीना है जिसने ईश्वर की अंतिम वाणी यानि क़ुरआन अवतरित हुआ जो समस्त मानवता के लिए मार्दर्शन है। […]

Continue Reading