इस्लाम का इतिहास

इस्लाम का इतिहास

इस्लाम का इतिहास: आम तौर पर यह समझा जाता है कि 1400 वर्ष पुराना धर्म है, और इसके संस्थापक पैग़म्बर मुहम्मद ﷺ हैं। लेकिन हक़ीक़त इससे अलग है। इस्लाम ईश्वर की ओर मनुष्य को दिया हुआ वो धर्म है जिसपर समर्पण करके मनुष्य ईश्वर का भक्त बन जाता है। आरम्भ से ही ईश्वर का एक […]

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मुसलमान कौन है? (आदर्श मुसलमान)

मुसलमान कौन है? (आदर्श मुसलमान)

मुसलमान कौन है? (आदर्श मुसलमान) लोगों में ये बात होना बड़ी आम है की क्या करें जो हम इस्लाम पर सही तरीके से चलते रहे और अल्लाह हमसे राज़ी हो जाये, बहुत से लोग ये मान लेते हैं की वो पहले ही बहुत अच्छे मुसलमान हैं और अल्लाह उनसे राज़ी हो जायेगा। इस सवाल का […]

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islam and humanity

इस्लाम – मानवता के लिए सन्देश

इस्लाम पिछले कुछ दशकों से चर्चा का विषय बना हुआ है। कुछ इसको मानवता के ख़िलाफ़ और कुछ मानवता के हित में बताते हैं। ये बहस जूं की तूं जारी है। मानवता की जब बात कि जाती है तो आम तौर पर इन बहसों में किसी प्रांत या कुछ विशेष चीज़ों की चार दीवारी बनाकर […]

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इस्लाम और विश्व शांति।

ज़रा सोचिए के क्या शांति वहां हो सकती जहां हर कोई ख़ुद को दूसरे से बड़ा समझता हो? क्या ये हो सकता है कि दूसरों को ख़ुद से हीन समझते हुए भी हम उनको बराबर मान लें? और क्या ये हो सकता है कि ऊँच नीच के साथ शांति क़ायम हो सके? कभी नहीं हो […]

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इस्लाम भाईचारे का सन्देश देता है।

इस्लाम धर्म पूरी मानव जाति को  एक मां बाप की संतान कह कर हर इंसान को ख़ून के रिश्ते में बांध देता है। इससे बेहतर भाईचारे का कोई और तरीका हो भी नहीं सकता था। अगर ये कहा जाता कि तुम सब एक दूसरे के लिए भाई जैसे हो तो रिश्ते की वो मज़बूती ख़याली […]

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अज़ान सबके लिए

अज़ान सबके लिए: आजकल लोगों के लिए सोशल मीडिया ज्ञान का भंडार बन चूका है। त्रासदी तो ये है कि सोशल मीडिया पर लोग हर चीज़ को बिना जाँच पड़ताल के सत्य मान लेते हैं। प्रतिदिन पता नहीं कितने शोशे सोशल मीडिया पर आते हैं और लोग आँखें बंद करके बिना सोचे समझे उसे सच […]

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Islam and Humanity! Muslim or Human!

इस्लाम और इंसानियत! मुस्लिम या इंसान

इस्लाम और इंसानियत! मुस्लिम या इंसान – मुस्लमान और इंसान दोनों अरबी शब्द हैं और क़ुरआन में भी ये दोनों शब्द काफी बार आये हैं। आईये एक एक करके

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Fear & loathing in India effacing of Natural Justice by media

Fear & loathing in India: effacing of Natural Justice by media

The Republic of India has a firm democratic setup based on three organs for its governance i.e Legislature, Executive, and Judiciary. The constitution of India embedded these pillars in such a way that they never overlap each other in their power or position; they are concatenated in such a manner that they put a check […]

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